ममेरे भाई से चूत चुदाई
खुली छत पर ममेरे भाई से चूत चुदाई
(Khuli Chhat Par Bhai Se Chut Chudai)

हैलो मेरा नाम ईशिता है.. मैं हरियाणा के रोहतक में रहती हूँ। मैं 21 साल की हूँ मेरा रंग एकदम गोरा है और मेरे बदन का साइज़ 30-28-34 का है। जो भी लड़का मुझे देखता है वो अपना लंड हिलाने लग जाता है।

यह बात करीब 2 साल पहले की है.. जब मैं 19 साल की थी.. तो मेरी छुट्टियाँ हुई ही थीं कि मैंने सोचा कि इन छुट्टियों में मामा के घर हो आऊँ.. तो मैंने मम्मी से बात की और अगले दिन मामा के घर चली गई।

मामा का घर गाँव में था तो मैं सुबह 9 बजे घर से निकल गई और करीब 12 बजे मैं मामा के घर पहुँच गई।

वहाँ पहुँचते ही मैं सब से मिली.. सब लोग मेरे चारों ओर जुड़ गए।

हाँ.. मैं आपको यहाँ बता दूँ कि मेरे मामा का सयुंक्त परिवार है.. तो लोग भी ज़्यादा हैं। उन सभी से बात करते-करते शाम हो गई।
मेरी सभी मामियाँ खाना की तैयारी में लग गईं और नानी अपने और कुछ काम करने में लग गईं।

अब मैं अकेली ही रह गई थी.. मेरा मामा का एक लड़का मुझ से एक साल बड़ा है.. वो मुझ से बात करने लगा। वो और मैं एक ही बिस्तर पर बैठे थे, वो मेरे कुछ ज़्यादा ही पास बैठा हुआ था, हम मस्ती में बात कर रहे थे।

उसने मेरा फ़ोन देखने के लिए माँगा.. तो मैंने उसे दे दिया। वो फ़ोन देख रहा था.. तो अचानक मुझे याद आया कि फ़ोन में तो मेरी मेरे ब्वॉय-फ्रेण्ड के साथ न्यूड फोटो है, मुझे ध्यान ही नहीं रहा और उसने वो फोटो देख ली।

उसने मुझे फ़ोन वापस दे दिया और बोला- इशी, तेरा कोई ब्वॉय-फ्रेण्ड है?

मैंने उसे मना कर दिया.. तो बोला- फिर कॉलगर्ल का काम करती है क्या? तेरी उस लड़के का साथ नंगी फोटो क्यों है?
मैं सनाका खा गई और एकदम चुप हो गई, मैं उससे रिक्वेस्ट करने लगी कि किसी को ना बताना।
तभी उसके मन में भी वैसा ही चुदास का कीड़ा उठने लगा।
वो बोलो- ठीक है.. पर एक शर्त पर..
मैं बोली- क्या शर्त है?
वो बोला- तुझे मेरे साथ भी वैसा ही करना पड़ेगा.. जैसा उस लड़के के साथ किया था।
तो मैंने भी उसे ‘हाँ’ कह दिया.. तो वो मेरे मम्मों को दबा कर बोला- रात को मिलते हैं जान..
और वो वहाँ से चला गया।

अब मैं भी रात का इंतजार करना लगी कि रात को क्या करेगा.. पता नहीं।
करीब 8 बजे सबने खाना खाया और सब सोने की तैयारी करने लगे.. तो वो मुझसे आकर बोला- हम दोनों ऊपर छत पर सोएंगे..
और फिर वो मेरी कमर पर हाथ फेर कर वहाँ से चला गया।

मैंने मामी से कहा- मैं और अवी.. (उसे हम घर में अवी कहते हैं) हम दोनों छत पर सोएंगे..
तो मामी ने मेरा बिस्तर भी वहीं लगवा दिया।

करीब रात के 10 बजे में सबसे बात करके और कपड़े बदल कर ऊपर सोने चली गई। उन दिनों गर्मी का मौसम था.. तो बिस्तर खुले में ही लगवा कर सोने का सोचा था।
मैं ऊपर पहुंची.. तो देखा कि वो पहले से ही ऊपर है और अपने फ़ोन में कुछ देख रहा है।
मैं उसके पास गई.. तो मैंने देखा कि वो ब्लू फिल्म देख रहा था।
वो मुझसे कहने लगा- आ जा.. तू भी देख ले..

तो मैं भी वो ब्ल्यू फ़िल्म देखने लगी। उस फिल्म में एक लड़की को दो लोग चोद रहे थे, एक उसकी गाण्ड मार रहा था और दूसरा उसकी चूत चोद रहा था।
उसे देख कर मैं भी गर्म हो गई और मेरी भी चूत गीली हो गई, मेरे मुँह से अपने आप आवाजें निकलने लगीं।

अवी मेरी तरफ देखने लगा.. उसने एक हाथ मेरे मुँह पर रखा और अपना मुँह पास लाने लगा, वो मेरी चुम्मियाँ लेने लगा।
चुम्बन करते हुए उसने मेरे मम्मों को भी दबाना शुरू कर दिया, फिर उसने मेरी टी-शर्ट में हाथ डाल कर मम्मों को दबाना शुरू कर दिया, फिर मेरी टी-शर्ट उतार दी..

मैंने अन्दर स्पोर्ट्स ब्रा पहन रखी थी.. तो वो उसके ऊपर से ही मेरे मम्मों को चूसने लगा।
मम्मों को चूसते-चूसते उसने मेरे निप्पल पर काट लिया, मैं चिल्ला उठी.. तो उसने कहा- चुप रह.. सब ऊपर आ जायेंगे.. और तू बिना चुदाए रह जाएगी।

तो मैं चुप हो गई और फिर उसने मेरी ब्रा उतार दी।
अब उसने मेरे मम्मों को नंगा कर दिया और मेरा एक चूचा मुँह में भर कर चूसने लगा।
मैं भी मजे से अपना चूचा चुसवा रही थी और मस्ती से कराहते हुए मुँह से सिसकारियाँ निकालने लगी थी।

तभी उसने अपना एक हाथ मेरा लोवर के अन्दर डाल दिया, वो बोला- तेरी चूत तो गीली हो गई है.. तू तो चुदने के लिए तैयार लग रही है।
मैं सीत्कार करने लगी।
उसने मेरा लोवर और पैन्टी एक साथ उतार दी.. और मेरी चूत पर उंगली घुमाने लगा।
फिर उसने मेरी चूत पर अपना मुँह रखा और उसे चाटने लगा, वो अपनी जीभ से मेरी चूत के दाने को ज़ोर से दबाने और हिलाने लगा था।

फिर कुछ देर ऐसा ही करने के बाद वो उठा.. और अपने कपड़े उतारने लगा।
अब वो नंगा होकर मेरे मुँह के पास अपना लंड लाकर बोला- चूस.. इसे..
मैंने कहा- मुझे चूसना पसंद नहीं..
वो बोला- मैंने देखा था कि उस फोटो में तू उसका खड़ा लौड़ा चूस रही थी।

तो मैंने कहा- वो तो खाली फोटो क्लिक करवाना के लिए लिया था।
बोला- मुझे नहीं पता.. तुमने उसका लण्ड चूसा हो या ना चूसा हो.. पर तुमको मेरा लौड़ा तो चूसना पड़ेगा।

अब उसने जबरदस्ती मेरे मुँह में अपना लंड डाल दिया और मुझे उसका लंड चूसना पड़ा।
फिर उसने मेरे मुँह से अपना लंड निकाल का कहा- अपने दोनों हाथों से अपने मम्मों दोनों तरफ से दबा लो..
तो मैंने उसकी लालसा को समझते हुए ऐसा ही किया.. वो मेरे ऊपर आकर मेरे मम्मों का बीच में अपना खड़ा लण्ड फंसा कर मेरे मम्मों की चुदाई करने लगा।

मैंने कहा- मेरे पास चूत भी है तू चूत में भी तो यही काम कर सकता है, तू उसमें भी अपना मूसल पेल कर मेरी चूत चुदाई कर सकता है।
तो बोला- भोसड़ी की.. तू चुप ही रह.. साली राण्ड.. बाहर चुदवाती है.. जब घर में ही इतने लंड मौजूद हैं.. फिर भी तुझे बाहर के लौड़े पसन्द हैं।

मैं चुप रही और जैसा वो कर रहा था मैंने वैसा उसे करना दिया क्योंकि मुझे भी अपने मम्मों की चुदाई में मजा आ रहा था।
फिर कुछ दर बाद उसने अपने लण्ड को मेरी चूत पर रखा और उसकी दरार पर रगड़ने लगा।
अब मुझे से रहा नहीं गया और मैंने सिसकारते हुए कहा- डाल भी दो ना भाई.. अब नहीं रहा जाता..
उसने कहा- मुझे तो पूरा मज़ा ले लेने दे.. फिर पता नहीं तेरी चूत कब मिलेगी?

फिर उसने एक झटके में अपना आधा लण्ड मेरी चूत में पेल दिया.. मेरे मुँह से थोड़ी से चीख निकल गई.. क्योंकि मैं काफ़ी दिनों के बाद चुद रही थी।
मेरी चीख के बाद उसने मुझे ‘बहन चोद’ गाली बकते हुए चुप कराया और मेरे मुँह पर अपना मुँह रख कर मुझे किस करने लगा।

मैं भी दर्द भूल कर मजा लेने लगी तो उसने एक और झटका मार कर अपना पूरा लंड मेरी चूत में पेल दिया।
अब वो अपने अण्डों को हिलाने लगा।
फिर कुछ दर बाद वो लौड़े को चूत के अन्दर-बाहर करने लगा।
उसका लंड 7 इंच का था.. जो कि मेरी बच्चेदानी पर चोट मारता हुआ लग रहा था।

10 मिनट की चुदाई के बाद मेरा पानी निकल गया, मैंने उससे कहा- आह्ह.. भाई.. मेरा तो हो गया..
तो भाई बोला- मेरा माल निकलने में तो अभी टाइम है।
वो मुझे मस्ती में चोदता रहा.. फिर 8-10 मिनट बाद एकदम तेज धक्के लगाते हुए बोला- ले आह्ह.. अब मेरा निकलने वाला है।
मैंने कहा- प्लीज़ चूत में मत निकालना..
तो बोला- या तो चूत में निकालूँगा या तेरे मुँह में..
तो मुझे ना चाहते हुए भी उसका लंड मुँह में लेना पड़ा और उसके लंड का पानी भी पीना पड़ा।

चुदाई के बाद देखा तो करीब रात का 12:30 हो गया था.. तो उसने बोला- अब हम ऐसे ही नंगे सोएंगे बिना कपड़ों के..।
तो मैंने कहा- कोई आ जाएगा तो?
बोला- मैं 3 बजे का अलार्म लगा कर सोऊँगा।
तो मैंने कहा- ठीक है।

उसने मुझे अपना ऊपर लिटा लिया और अपना लंड मेरी चूत में डाल कर बोला- अब लौड़ा लीलते हुए सो जा।
अब तो मुझे भी उसके लौड़े से चुदने में मज़ा आ रहा था तो मैं भी चूत में लण्ड रखवा कर सो गई।

करीब 3 बजे अलार्म बजने से आँख खुली तो देखा- वो मेरी चूत में हल्के हल्के धक्के लगता हुआ मुझे चोद रहा था।
मैंने भी मजा लेना शुरू कर दिया।


ब्वॉयफ्रेंड से पहली बार चुदने की चाहत

हैलो मेरा नाम है रीना और मैं हरियाणा में रहती हूँ। मेरा फिगर 34-30-36 का है और मेरी लंबाई 5 फुट 5 इंच है।
मुझ में सबसे ख़ास बात है.. मेरे मोटे चूतड़ और मम्मों का उठा होना.. जो मुझे एक बार देख ले समझो उसका पक्का खड़ा होकर रहेगा.. इन्हें देखकर हर कोई लड़का मर मिटता है.. चाहे वो मेरी गली का हो या कहीं और का हो।

बात 2009 की है.. जब मैंने कॉलेज में एड्मिशन लिया था। वैसे तो ये कॉलेज तो सिर्फ़ लड़कियों का ही था.. इसके बारे में मैं ज़्यादा खोलकर नहीं लिख रही हूँ।
उन दिनों मेरी प्यार की कहानी हमारी ही गली के एक लड़के के साथ शुरू हुई।
पहले बात फोन पर ही हुआ करती थी.. फिर हम एक दिन एक रेस्टोरेंट में मिले और अच्छी तरह से बातें की।
इसके बात मेरी उससे दोस्ती चल पड़ी और हम कभी-कभी फोन सेक्स भी किया करते थे।

एक दिन मेरी दोस्त पिंकी के घर वाले कहीं बाहर गए हुए थे और अगले दिन आने वाले थे.. तो मैंने अपने बॉयफ़्रेंड राहुल को बता दिया कि कल किसी काम से पिंकी के घर पर चलना है।

उसने ‘हाँ’ भर दी और फिर अगले दिन उसने मुझे ठीक 12 बजे अपनी कार से पिक किया और हम पिंकी के घर के लिए निकल पड़े।
पिंकी का घर मेरे शहर में ही था.. हम दोनों उसके घर पहुँच गए और उससे मुलाक़ात की।

फिर उसने हमें कोने वाले कमरे में भेज दिया और चाय कॉफी वगैरह भी कमरे में रख दिए।
उस दिन बहुत गर्मी थी तो हमने कमरे में घुसते ही अन्दर से बन्द कर लिया.. एसी ऑन कर दिया और बिस्तर पर लेट गए। फिर हमने यहाँ-वहाँ की बातें की और कॉफ़ी ली.. जो पिंकी हमारे लिए बना लाई थी।

फिर राहुल ने मुझे अपनी बाँहों में ले लिया और मुझे मेरे गालों और गर्दन पर किस करने लगा। उसने मेरे होंठों को अपने होंठों में भर लिया और चूसने लगा.. मुझे भी मजा आने लगा था।
मैं भी उसका साथ देने लगी और अपने मुँह खोलकर उसकी जीभ को चूसने लगी।
वो मेरे थूक को स्वाद लेते हुए चूस रहा था।

करीब आधे घंटे के इस लंबे किस के बाद हम दोनों के होंठ एक-दूसरे के थूक से भीग गए थे।
फिर हमने मुँह साफ किया.. अब वो मेरे कपड़े उतारने लगा और खुद भी नंगा हो गया।
कुछ ही पलों में बिस्तर पर हम दोनों बिल्कुल नंगे पड़े थे।

फिर वो मेरी चूचियाँ अपने मुँह में लेकर चूसने लगा और मुझे और ज़्यादा मज़ा आने लगा। मेरे मुँह से ‘अहाहाहा.. ओह आ.. ऊऊऊ..’ की सिसकारियाँ निकल रही थीं।
चूचियाँ चूसने के बाद उसने अपना लंड मेरे मुँह की तरफ किया.. तो मैं समझ गई कि ज़रूर मुँह में लेने के लिए बोल रहा है।
मैंने मना कर दिया.. तो फिर उसने कहा- प्लीज़ जानू अगर मुझसे प्यार करती हो तो मेरे लंड को चूसो..

तो मैंने उसका लंड अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी। फिर थोड़ी देर बाद मुझे भी लंड चूसने में मजा आने लगा और मैं अपनी जीभ उसके लंड पर फिरा रही थी।
वो अपनी आँख बंद करके ‘अहह.. ओहो..’ कर रहा था।

फिर करीब 20 मिनट की चुसाई के बाद वो मेरी चूत चाटने लगा। मैंने उसके मुँह में ही अपना पानी छोड़ दिया।

फिर उसने मेरी चूत पर अपना लंड रख दिया।
मैं उसके साथ अपनी लाइफ का पहला सेक्स कर रही थी.. तो मुझे भी घबराहट हो रही थी कि पहली बार 7 इंच का लंबा और मोटा लंड अन्दर ले रही हूँ बहुत दर्द होगा।

उसने फिर से मेरे होंठों को अपने होंठों में भर लिया.. जब मेरा ध्यान लंड अन्दर जाने से हट गया.. मैं उसे किस करने लगी.. तो उसी समय उसने एकदम से धक्का लगा दिया और मुझे चक्कर आने लगे।
मुझे इतना दर्द जिंदगी में कभी महसूस नहीं हुआ.. जितना तब हुआ..
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मैंने नीचे देखा तो देखती रह गई क्योंकि उसका सिर्फ़ आधा लंड ही अन्दर घुसा था और आधा अभी भी बाहर ही था।
मेरी चूत से खून भी निकल आया था।
उसने अपनी पूरी ताक़त के साथ एक धक्का और लगाया और अब उसका पूरा लंड मेरी चूत के अन्दर समा चुका था।

मैं दर्द के मारे रोने लगी थी और बार-बार उसे बाहर निकालने के लिए बोल रही थी। फिर लगातार अन्दर-बाहर करने के बाद मेरा दर्द कम होता चला गया और मुझे मज़ा आने लगा। अब मैं उसका साथ देने लगी और अपने चूतड़ उठाने लगी। मस्ती से मैं उसका लंड अपनी चूत में लेने लगी।

फिर उसने पोज़ बदलने के लिए कहा।
अब वो बिस्तर पर चित्त लेट गया और मुझे लंड पर बैठने के लिए कहा।
मैं उसके लंड पर आराम-आराम से बैठने लगी।

जैसे ही लौड़े ने मेरी चूत की रास्ता ढूंड ली.. तो एकदम से लंड अन्दर घुसता चला गया।
फिर से लौड़ा घुसने के बाद मैं अपने आप ऊपर-नीचे होने लगी। करीब आधे घंटे की चुदाई के बाद उसने मुझसे कहा- रानी मेरा निकलने वाला है..

मैं प्रेगनेन्ट नहीं होना चाहती थी.. इसलिए मैंने लंड बाहर कर दिया और अपने मुँह में लेकर चूसने लगी।
फिर एकदम से उसने एक पिचकारी के साथ अपना माल मेरे मुँह में निकाला और मेरा मुँह उसके माल से भर गया।
उसके माल का टेस्ट बहुत नमकीन सा था और फिर मैंने सारा माल निगल लिया।
उसका बहुत माल निकला था।

फिर हम दोनों वॉशरूम गए और एक साथ नहाए और शावर लिया।
अब हमें अन्दर दो घंटे हो चुके थे..
तो पिंकी भी डोर नॉक करने लगी तो हमने अपने-अपने कपड़े पहने और बाहर आ गए।

पिंकी हम दोनों को देख कर मुस्कुराने लगी और फिर उसने कॉफ़ी बना कर हमें दी और कॉफ़ी पीकर हम वहाँ से निकल पड़े।

वो मुझे मेरे कॉलेज छोड़कर चला गया और मुझे जाते समय एक अच्छा सा ‘फ्रेंच किस’ भी किया।
तो दोस्तो जल्दी ही अपनी दूसरी स्टोरी भी पोस्ट करूँगी.. जब राहुल ने मेरी और पिंकी की गाण्ड मारी।
हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम निशा है।

दोस्तों में एक बार फिर से अपनी एक और दूसरी नई कहानी के साथ आप लोगों के सामने कामुकता डॉट कॉम पर आई हूँ। अब में पहली बार अपनी चुदाई किसी मर्द से कर रही हूँ और यह मेरा पहला सेक्स अनुभव है, जिसको आज में सुनाने जा रही हूँ। दोस्तों में पिछले कुछ सालों से सेक्सी कहानियों को पढ़कर उनके मज़े लेने लगी, जिसकी वजह से मेरा जोश पहले से ज्यादा बढ़ गया और मुझे अपनी चूत में किसी लंड की कमी महसूस होने लगी थी, इसलिए में अब अपने गोरे सेक्सी जिस्म की आग को ठंडा करने के लिए अपनी बहुत अच्छी दोस्त वंदना को कहा कि में किसी मर्द से अपनी चुदाई करवाना चाहती हूँ, मुझे अब बिल्कुल भी रहा नहीं जाता।

तब उसने बहुत ध्यान से मेरी परेशानी को सुनकर समझकर कुछ सोचकर मुझसे कहा कि में तुम्हारे लिए जरुर उसका इंतजाम करूंगी और फिर मैंने उसको पूछा कि वो कौन है? तब उसने मुझसे कहा कि वो हमारा नौकर है और उसका नाम रवि है, उनको में अंकल कहकर पुकारती थी, उसकी उस बात को सुनकर पहले में बहुत चकित थी, लेकिन फिर मैंने अपने ठंडे दिमाग से सोचा कि वो मुझे बात तो एकदम सही कह रही थी।

दोस्तों वो एक 40 साल के हट्टेकट्टे बहुत दमदार इंसान थे और वो हर रोज सवेरे जल्दी उठकर कसरत किया करते थे, वो अब तक अकेले थे, मतलब उसकी शादी भी नहीं हुई थी और वैसे में सच कहूँ तो मुझे उसके साथ अपनी चुदाई का विचार अच्छा भी लगा और में अब उसको अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए ऐसे काम करने लगी कि उनकी नजर हमेशा मुझे खा जाने के लिए तैयार रहने लगी थी, वो अब मेरे पास आने मुझे किसी भी बहाने से छूने के मौके देखने लगे थे, मुझे घूर घूरकर देखने लगे थे।

दोस्तों रवि अंकल को में कई बार कसरत करते हुए देख चुकी थी, वो सिर्फ़ अंडरवियर पहनकर ही कसरत किया करते थे, उनके अंडरवियर में होने की वजह से उनका लंड का उभार भी मुझे साफ साफ दिखता था।


फिर एक दिन उस रात को वंदना अपने घरवालों से मेरे साथ रात में रुकने के लिए कहकर वो मेरे घर पर आ गई और उसको मैंने अपनी बाहों में भर लिया और में उसको प्यार करने लगी थी। फिर कुछ देर बाद उसने एक एक करके मेरे पूरे कपड़े उतार दिए और देखते ही देखते उसने मुझे पूरा नंगा कर दिया।

उसके बाद मैंने भी वंदना को नंगा कर दिया और उसके बाद हम दोनों 69 की पोज़िशन में आ गये और हम दोनों एक दूसरे की चूत को चाटने चूसने लगे थे और मुझे बहुत अच्छी तरह से पता था कि अंकल हमें छुपकर यह सब करते हुए देख रहे है, क्योंकि पहले भी में उनको मेरे ऊपर नजर रखते हुए देख चुकी थी और इसलिए में अब उनको दिखने के लिए जोश में आकर ज़्यादा ज़ोर से वंदना की चूत चाट रही थी। फिर थोड़ी देर बाद अंकल अपने आपको रोक ना सके और वो अब मेरे पीछे आ गए और मेरी गांड को सहलाने चाटने लगे थे।

फिर में एकदम से चौंक गयी, क्योंकि वो अब मेरी चूत और गांड दोनों को एक साथ पागलों की तरह चाटे जा रहे थे, जिसकी वजह से मेरे शरीर में बिजली का करंट दौड़ने लगा था और में उउउफ़्फुफुफुउ ओह्ह्ह्हह हाँ और ज़ोर से चूसो अंकल कहने लग गयी और कुछ ही देर बाद मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया और उसको वंदना ने पी लिया।

फिर कुछ देर बाद वंदना भी झड़ गई और मैंने उसका पानी पी लिया और फिर में पीछे मुड़ी और में देखकर बिल्कुल हैरान रह गई, क्योंकि मैंने देखा कि अब अंकल पूरे नंगे होकर खड़े हुए थे और उनका लंड तो एकदम तना हुआ था। उनका लंड करीब 5 इंच लंबा और 2 इंच मोटा था।

अब मैंने तुरंत झपटकर उसको अपने मुहं में ले लिया और में पागलों की तरह उसको लोलीपॉप समझकर चूसने लगी थी और यह मेरा पहला मौका था कि में किसी आदमी का लंड इतने पास से देख रही थी और आज उसको चूसकर उसके मज़े भी ले रही थी।

अब मेरे साथ साथ अंकल को भी बड़ा मज़ा आ रहा था, वो आह्ह्हह्ह उफ्फ्फ्फ़ और ज़ोर से निशा तुम कितना अच्छा लंड चूसती हो, में तो एकदम पागल हो रहा हूँ, वो ऐसा कह रहे थे। अब वंदना भी उनकी गांड के छेद को चाट रही थी।

फिर हम सब लोग 69 की पोज़िशन में आ गए और में अंकल का लंड चूस रही थी और अब अंकल वंदना की चूत को चूस रहे थे और वंदना मेरी चूत को चूस रही थी और हम तीनों को बहुत मज़ा आ रहा था, में तो हवा में उड़ रही थी, आह्ह्ह्हह्ह ऊईईइईईई उूउुफ़ुउऊुुउुफुफूफ और ज़ोर से चूसो इस तरह की आवाज़े निकाल रहे थे और कुछ देर बाद में वंदना के मुहं में झड़ गयी और वंदना अंकल के मुहं में झड़ गयी और अब अंकल भी झड़ने वाले थे, लेकिन कुछ देर धक्के देने के बाद वो भी मेरे मुहं में झड़ गये।

फिर वंदना और अंकल मेरे मुहं को किस करने लगे। दोस्तों मुझे वो स्वाद बड़ा अच्छा लग रहा था, क्योंकि मुझे उस दिन पहली बार एक साथ लंड और चूत का पानी पीने को मिल रहा था। फिर कुछ देर मेहनत करके अंकल का लंड वंदना ने चूसकर एक बार फिर से खड़ा कर दिया और फिर अंकल ने अपने खड़े लंड को ज्यादा देर ना करके तुरंत मेरी चूत में डाल दिया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब में उस असहनीए दर्द की वजह से ज़ोर से चिल्ला उठी, ऊईईईई माँ में मर गई उफ्फ्फ्फ़ प्लीज अंकल अब आप बाहर निकालो, आह्ह्ह्हह मुझे बहुत दर्द हो रहा है। दोस्तों वो मेरे दर्द को देखकर रुक गए और मैंने अपने हाथ से छूकर देखा कि अंकल का लंड अभी मुश्किल से मेरी चूत में बस तीन इंच भी नहीं गया था, अभी भी उनका दो इंच लंड मेरी चूत से बाहर ही था, लेकिन अपनी पहली चुदाई और अंकल का मोटा लंड होने की वजह से में एकदम तड़प गई थी।

फिर अंकल ने अपना लंड बाहर निकाल दिया और उसको वंदना चाट रही थी। अब अंकल ने अपनी तरफ से दोबारा एक ज़ोर का झटका लगा दिया। फिर उनका लंड अब मेरी चूत में कुछ इंच तक चला गया। मुझे बहुत ज़ोर से दर्द हो रहा था और में उसकी वजह से चिल्ला भी नहीं सकती थी, क्योंकि अब वंदना ने उसकी चूत को मेरे मुहं पर रख दिया था और फिर अंकल ने दोबारा ज़ोर का धक्का देकर अपना पूरा का पूरा लंड मेरी चूत में डाल दिया और में उस दर्द से तड़प रही थी।

मुझे कुछ देर बाद मज़ा भी आने लगा, इसलिए में अब अपनी गांड को आगे पीछे करने लगी थी और कहने लगी थी आह्ह्ह्ह हाँ और ज़ोर से चोदो अंकल अपनी इस रांड को उफ्फ्फ्फ़ फाड़ दो मेरी चूत को, मुझे चुदाई का पूरा मज़े दो जमकर चोदो। मुझे दोस्तों में अब गंदे शब्द काम में ले रही थी, जिसको सुनकर अंकल भी अब जोश में आ गए और वो मुझे धक्के देते हुए कहने लगे, हाँ ले मेरी रंडी में आज तेरी चूत को पूरा फाड़ दूँगा, तुझे में अपना वीर्य भी पिलाऊंगा, वो मुझसे यह कह रहे थे। फिर कुछ देर बाद में सिसकियाँ लेने लगी और में आह्ह्ह्हह उऊफ्फुफ़्फुफु अंकल में अब गई काम से इतना कहकर में झड़ गयी, लेकिन अब भी अंकल नहीं झड़े थे, बाद में वो झड़ गये तो सारा पानी मेरे वंदना के मुहं में डाल दिया और में बहुत तेज़ी से अंकल का लंड चूस रही थी और उसके लंड पर लगे बचे हुए वीर्य को अपनी जीभ से चाटकर साफ कर रही थी और वंदना भी अब अंकल का लंड चूस रही थी।

फिर मैंने वंदना की गांड को चटाना शुरू कर दिया और अब अंकल वंदना की गांड को मारना चाहते थे और फिर अंकल मेरी चूत और गांड दोनों को ही बारी बारी से चाट रहे थे। में वंदना की गांड में अपनी जीभ को अंदर डालकर चाट रही थी। अब अंकल ने अपने लंड पर वेसलीन लगाकर एकदम चिकना कर लिया और फिर वंदना को अपने सामने घोड़ी बनाकर उसकी गांड में अपने लंड को घुसाया और उस दर्द की वजह से वंदना चिल्ला उठी, में उसके बूब्स को दबा रही थी और मेरी चूत उसके मुहं में थी, अंकल उसका चीखना चिल्लाना नहीं सुन रहे थे और वो बिल्कुल बेरहम बनकर उसकी कमर को अपनी मजबूत पकड़ से पकड़कर उसकी गांड को बहुत ज़ोर ज़ोर से धक्के मार रहे थे.


फिर मैंने एक रबर के लंड को अपनी चूत पर बाँध लिया और में अंकल की गांड को अपनी जीभ से कुतिया की तरह चाटने लगी। दोस्तों अंकल की गांड एकदम साफ थी और उस पर एक भी बाल नहीं थे और फिर मैंने अपनी एक उंगली को उनकी गांड के अंदर डाली तो अंकल चकित हो गये। उसके बाद में अपनी जीभ से उनकी गांड को चाट रही थी .

कुछ देर के बाद मैंने उस लंड को अंकल की गांड के अंदर डाल दिया। दोस्तों वो लंड दस इंच का था और वो मेरे एक ही जोरदार झटके में आधा अंदर चला गया, अंकल दर्द की वजह से चीख उठे और वो कहने लगे, उफ्फ्फ्फ़ आह्ह्ह्ह निशा तुम यह क्या कर रही हो? अब मैंने उनसे पूछा क्या आपको दर्द होता है? अंकल बोले हाँ रे मुझे बहुत दर्द हो रहा है। तब वंदना बोली हरामी क्या तूने मेरी गांड मारते समय भी ऐसा सोचा था? और फिर वंदना बोली कि जल्दी से अब तुम मेरी गांड को धक्के मारना चालू करो हरामी उफ़फफफफफ्फ़ आईईईईईइ आह्ह्ह्हह्ह हाँ और ज़ोर से मारो, फाड़ डालो आज मुझे बहुत मज़ा आ रहा है और अब अंकल ज़ोर से वंदना की गांड को मार रहे थे और में अंकल की गांड मार रही थी और हम दोनों मज़े ले रहे थे।

फिर इतने में अंकल वंदना की गांड में झड़ गए और में वंदना की गांड जो कि अंकल के वीर्य से भरी हुई थी, वो चाट रही थी आह्ह्हह्ह्ह्ह वाह बहुत मज़ा आ रहा है ओह्ह्ह्ह उूउफ्फ्फ क्या मस्त स्वादिष्ट मजेदार है और फिर दोस्तों उस रात को हम तीनों ने रात भर बहुत जमकर चुदाई के मज़े लिए। अंकल ने एक एक करके हम दोनों को चोदा और हम दोनों ने भी रबर का लंड लगाकर बारी बारी से उसकी गांड मारकर मज़े लिए, जिसकी वजह से हम तीनों ही बहुत खुश होकर वैसे ही पूरे नंगे सो गए और सीधे दूसरे दिन सुबह उठे ।।
धन्यवाद …

 
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